गणेश चतुर्थी विशेषः जानें, पूजन का सही मुहूर्त जो दिलाएगा लाभ
गणपति की
स्थापना से पहले भक्त उनकी प्रतिमा स्थापना से 1-2 दिन पहले अपनी सुविधा के
अनुसार लाते हैं। ज्योतिष कमल श्रीमाली के अनुसार, यदि शुभ मुहूर्त में
गणपति प्रतिमा घर लेकर आएं और पूरे विधि-विधान से पूजा करें तो इसका विशेष
लाभ मिलता है। जानें, किस मुहूर्त में बप्पा को घर लाना रहेगा
विशेषफलदायी...
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल गणपति पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:06
बजे से आरम्भ हो कर दोपहर बाद 01:39 बजे तक है. पौराणिक प्रमाणों के
अनुसार, गजानन श्री गणेश का जन्म दिन के मध्याह्न में हुआ था. लिहाजा श्री
गणेश पूजन की यह उपरोक्त अवधि, जो कि लगभग 2 घंटे 33 मिनट की है, हर प्रकार
से उत्तम है.
भाद्रपद की चतुर्थी को हुआ था श्री गणेश का आविर्भाव
हिंदू पंचाग के अनुसार गणेश चतुर्थी त्यौहार भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. इसी तिथि को मध्याह्न में शक्ति-स्वरूपा देवी पार्वती ने दिव्य-स्नान के समय अपनी त्वचा के मैल से एक बालक का स्वरूप गढ़ा और उसमें प्राण आरोपित कर अपने महल की पहरेदारी में नियुक्त कर दिया. बालक की निष्ठा, सजगता और तत्परता इतनी प्रबल थी कि देवाधिदेव शिव भी उसका उल्लंघन नहीं कर पाए और फिर जो हुआ वह तो जग-विदित है.
भाद्रपद की चतुर्थी को हुआ था श्री गणेश का आविर्भाव
हिंदू पंचाग के अनुसार गणेश चतुर्थी त्यौहार भाद्रपद मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. इसी तिथि को मध्याह्न में शक्ति-स्वरूपा देवी पार्वती ने दिव्य-स्नान के समय अपनी त्वचा के मैल से एक बालक का स्वरूप गढ़ा और उसमें प्राण आरोपित कर अपने महल की पहरेदारी में नियुक्त कर दिया. बालक की निष्ठा, सजगता और तत्परता इतनी प्रबल थी कि देवाधिदेव शिव भी उसका उल्लंघन नहीं कर पाए और फिर जो हुआ वह तो जग-विदित है.

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